भारतवर्ष में चुनावों के समय एक अरब पच्चीस करोड नागरिकों में से औसतन ५० से ५५% अर्थात लगभग अडसठ करोड पचास लाख ही मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं एवं इनमें से लगभग ३३% अर्थात बाईस करोड अडसठ लाख पिचहत्तर लाख मतदाताओं के मतदान के कारण कोई दल अपने सहयोगियों के साथ सत्ता में आता है ! जो कि लगभग भारतवर्ष की कुल जनसँख्या के १८.२५ % हैं बाकी बचे ४५ से ५०% मतदाताओं में से अधिकांश अपने मताधिकार का प्रयोग इस कारण से नहीं करते क्यूंकि उन्हें लगता है सभी राजनैतिक दलों के प्रत्याशी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं अथवा पहले से भ्रष्टाचार अथवा व्यभिचार में लिप्त हैं एवं मतदाताओं को यह लगता है कि सभी दुष्टों में से किसी एक दुष्ट को चुनने से अच्छा यह है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग ना करें परन्तु वे यह भूल जाते हैं कि यह संभव है कि उनके नाम से किसी बेईमान प्रत्याशी का चाटुकार व्यक्ति उनके स्थान पर मताधिकार का प्रयोग कर सकता हैं एसी कीच घटनाएँ पिछले चुनावों में सामने आयीं भी हैं और बहुत से मतदाताओं को यह आशा है कि इस बार अन्ना हजारे के अनशन का समर्थन कर वे लोकपाल ,राईट टू रिकाल अथवा राईट टू रिजेक्ट के विधेयक को पारित करवा लेंगे परन्तु सरकार के प्रतिनिधियों व मंत्रियों के .इन विधेयकों के प्रति रूखे व्यव्हार के कारण यह प्रतीत नहीं होता कि वे ऐसा कोई कठोर विधेयक को पारित करेंगे भी अथवा उनके मूल रूप में पारित करेंगे क्यूंकि ये साधारण जनता के ऐसे अधिकार के रूप में विकसित होंगे जिसका प्रयोग कर सधारण नागरिक इन नेताओं को कठपुतली की समान अपनी उँगलियों पर नचा सकते हैं कौनसा नेता अपने हाथों से से अपने लिए गड्ढा खोदेगा
परन्तु वर्तमान में एक ऐसा नियम है जिसका प्रयोग कर अपने मत का प्रयोग ना करने वाले तथा भ्रष्ट व्यवस्था से व्यथित नागरिक भी राजनैतिक दलों को विवश कर सकते हैं कि वे अपराधी,व्यभिचारी एवं भ्रष्ट प्रत्याशियों को हटाकर साफ़ एवं स्वच्छ छवि के प्रत्याशी चुनाव में उतारें
मतदान के समय आप अपने चुनाव क्षेत्र के मतदान अधिकारी से फॉर्म 49-O की मांग करें जिसकी भाषा लगभग यह होगी कि “वर्तमान सभी प्रत्याशी राजनेता बनने के पात्र नहीं हैं इस कारण मैं अपने मत का प्रयोग इन सभी को अपात्र घोषित में करने में करता हूँ “
जो मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करते उनकी जगह किसी प्रत्याशी के समर्थक जाकर मतदान कर देते हैं जिसका लाभ भ्रष्ट प्रत्याशी को मिलता हैं यदि ऐसे मतदाता फॉर्म ४९-ओ का प्रयोग करते हैं तो उनके मत का दुरूपयोग की संभावनाएं समोत हो जाती है
साथ ही अपने क्षेत्र के चुनाव प्रत्याशियों के बारे में जानने की लिए लिखें myneta(रिक्त स्थान) अपने क्षेत्र का पिन कोड अथवा पोस्टल कोड और भेज दें 56070 पर अथवा डायल करें 1800110440आपको अपने क्षेत्र के प्रत्याशियों के बारे में सारी जानकारी मिल जायेगी उनके द्वारा अर्जित संपत्ति ,न्यायालय में कोई वाद चल रहा हो अथवा किसी थाने में कोई एफ.आई.आर है तो सारी जानकारी आपको इन नं पर सन्देश भेज कर अथवा वार्ता कर पता चल सकता है
साथ यदि फॉर्म ४९-ओ के मतदाताओं की संख्या जीतने वाले प्रत्याशी को मिलने वाले मतों की संख्या से अधिक हो जाती तो उस क्षेत्र के चुनाव निरस्त हो जायेंगे एवं राजनैतिक दलों को नए प्रत्याशी चुनाव में उतारने होंगे इस प्रक्रिया से पुनः चुनावों का व्यय का भर तो साधारण जन पर पडेगा परन्तु वह अगले पांच वर्षों में होने भ्रष्टाचार के माध्यम से होने वाले धन की हानि से कई गुना कम होगा
राइट तो रिजेक्ट में लगभग यही है नए कानून बनाने से बेहतर है कि इसी में एक संशोधन करने कि मांग करी जाये फॉर्म 49-O में मतदाता का नाम लिखाना आवश्यक होता है यदि इसे संशोधित कर अन्य मतदातों की भांति फॉर्म 49-O का प्रयोग करने वाले मतदाताओं के नाम का खुलास ना करने का प्रावधान हो तो यह भी एक सशक्त कानून है जिसका प्रयोग कर राजनीती में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं आपराधिकरण को जड से समाप्त किया जा सकता है
परन्तु वर्तमान में एक ऐसा नियम है जिसका प्रयोग कर अपने मत का प्रयोग ना करने वाले तथा भ्रष्ट व्यवस्था से व्यथित नागरिक भी राजनैतिक दलों को विवश कर सकते हैं कि वे अपराधी,व्यभिचारी एवं भ्रष्ट प्रत्याशियों को हटाकर साफ़ एवं स्वच्छ छवि के प्रत्याशी चुनाव में उतारें
मतदान के समय आप अपने चुनाव क्षेत्र के मतदान अधिकारी से फॉर्म 49-O की मांग करें जिसकी भाषा लगभग यह होगी कि “वर्तमान सभी प्रत्याशी राजनेता बनने के पात्र नहीं हैं इस कारण मैं अपने मत का प्रयोग इन सभी को अपात्र घोषित में करने में करता हूँ “
जो मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करते उनकी जगह किसी प्रत्याशी के समर्थक जाकर मतदान कर देते हैं जिसका लाभ भ्रष्ट प्रत्याशी को मिलता हैं यदि ऐसे मतदाता फॉर्म ४९-ओ का प्रयोग करते हैं तो उनके मत का दुरूपयोग की संभावनाएं समोत हो जाती है
साथ ही अपने क्षेत्र के चुनाव प्रत्याशियों के बारे में जानने की लिए लिखें myneta(रिक्त स्थान) अपने क्षेत्र का पिन कोड अथवा पोस्टल कोड और भेज दें 56070 पर अथवा डायल करें 1800110440आपको अपने क्षेत्र के प्रत्याशियों के बारे में सारी जानकारी मिल जायेगी उनके द्वारा अर्जित संपत्ति ,न्यायालय में कोई वाद चल रहा हो अथवा किसी थाने में कोई एफ.आई.आर है तो सारी जानकारी आपको इन नं पर सन्देश भेज कर अथवा वार्ता कर पता चल सकता है
साथ यदि फॉर्म ४९-ओ के मतदाताओं की संख्या जीतने वाले प्रत्याशी को मिलने वाले मतों की संख्या से अधिक हो जाती तो उस क्षेत्र के चुनाव निरस्त हो जायेंगे एवं राजनैतिक दलों को नए प्रत्याशी चुनाव में उतारने होंगे इस प्रक्रिया से पुनः चुनावों का व्यय का भर तो साधारण जन पर पडेगा परन्तु वह अगले पांच वर्षों में होने भ्रष्टाचार के माध्यम से होने वाले धन की हानि से कई गुना कम होगा
राइट तो रिजेक्ट में लगभग यही है नए कानून बनाने से बेहतर है कि इसी में एक संशोधन करने कि मांग करी जाये फॉर्म 49-O में मतदाता का नाम लिखाना आवश्यक होता है यदि इसे संशोधित कर अन्य मतदातों की भांति फॉर्म 49-O का प्रयोग करने वाले मतदाताओं के नाम का खुलास ना करने का प्रावधान हो तो यह भी एक सशक्त कानून है जिसका प्रयोग कर राजनीती में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं आपराधिकरण को जड से समाप्त किया जा सकता है
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